पंक्तियाँ
अब तो स्मार्टफोन ही आजकल
बच्चों को कहानी सुनाने वाली
बन गयी है दादी और नानी
वो भी क्या दौर था जब
बड़े उतावले होते थे बच्चे
कहानी सुनने के लिये
प्यारी सी नींद आंखों में
न जाने कब आ जाती रातों में
जब दादी और नानी सुनाती थी
राजा-रानी, परियों की नई कहानी
पर चला गया है वो उतावलापन
कोई छीन ले गया है बच्चों की
वो प्यारी सी आंखों की नींद
जो अक्सर दादी और नानी के पास
कहानी सुनने के लिए चली आती थी
क्योंकि बच्चों की नानी और दादी
अब स्मार्टफोन बनकर आ गयी है
और बदले में उनके परिवार का अपनापन
और चैन की नींद छीनकर स्मार्टफोन
अपनी कीमत बच्चों से वसूल कर रही है
और उन्हें लुभावनी कहानी सुना रही है।
©अनोखी दुनिया
बच्चों को कहानी सुनाने वाली
बन गयी है दादी और नानी
वो भी क्या दौर था जब
बड़े उतावले होते थे बच्चे
कहानी सुनने के लिये
प्यारी सी नींद आंखों में
न जाने कब आ जाती रातों में
जब दादी और नानी सुनाती थी
राजा-रानी, परियों की नई कहानी
पर चला गया है वो उतावलापन
कोई छीन ले गया है बच्चों की
वो प्यारी सी आंखों की नींद
जो अक्सर दादी और नानी के पास
कहानी सुनने के लिए चली आती थी
क्योंकि बच्चों की नानी और दादी
अब स्मार्टफोन बनकर आ गयी है
और बदले में उनके परिवार का अपनापन
और चैन की नींद छीनकर स्मार्टफोन
अपनी कीमत बच्चों से वसूल कर रही है
और उन्हें लुभावनी कहानी सुना रही है।
©अनोखी दुनिया

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